उत्तर प्रदेश

राजस्व विभाग पर योगी सरकार का एक्शन, 4 तहसीलदार समेत 5 अफसर निलंबित

यूपी में राजस्व मामलों की सुस्ती पर बड़ी कार्रवाई, चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार निलंबित। मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद विभागीय जांच भी शुरू हुई।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

CM Yogi: उत्तर प्रदेश में राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा के बाद राजस्व परिषद ने लापरवाही और मामलों के धीमे निस्तारण के आरोप में चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया है। सभी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

लंबित मामलों की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने हाल ही में राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की उच्चस्तरीय समीक्षा की थी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि राजस्व मामलों का निस्तारण तय समयसीमा में किया जाए और अनावश्यक देरी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगी। इसके बाद राजस्व परिषद ने न्यायालयवार और अधिकारीवार लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की।

मामलों की गहन जांच

राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा के मुताबिक, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 34 के तहत दाखिल मामलों की गहन जांच की गई। समीक्षा में कुछ अधिकारियों के यहां मामलों के निस्तारण की गति संतोषजनक नहीं मिली, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।

इन अफसरों पर हुई कार्रवाई

निलंबित अधिकारियों में पवन कुमार सिंह, तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार पट्टी, प्रतापगढ़ और वर्तमान तहसीलदार प्रयागराज; अतुल हर्ष, तहसीलदार बलिया; हरेराम यादव, तत्कालीन नायब तहसीलदार धनघटा और वर्तमान तहसीलदार गोंडा; आनंद ओझा, तहसीलदार खलीलाबाद, संतकबीरनगर और विवेक कुमार सिंह, नायब तहसीलदार सरोजनीनगर, लखनऊ शामिल हैं।

अब जांच में तय होगी जिम्मेदारी

निलंबन के साथ पांचों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच भी शुरू की गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मामले लंबित रहने की वजह क्या रही और संबंधित अधिकारियों की कितनी जिम्मेदारी बनती है। राजस्व विवादों का सीधा असर किसानों, जमीन मालिकों और आम नागरिकों पर पड़ता है। सरकार का जोर अब ऐसे मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर है, ताकि लोगों को जमीन और संपत्ति से जुड़े विवादों में लंबे समय तक परेशान न होना पड़े। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में जवाबदेही को लेकर सख्त संदेश गया है।

ये भी पढ़ें: STP घोटाले में सत्येंद्र जैन को राहत, कोर्ट ने दी जमानत

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »